Friday, 24 July 2020

आइये हम मिल कर आवाज को बुलंद करे।

*सरकार ने फरमान जारी किया है,*
   
कि *50 साल से ज्यादा उम्र के कर्मचारियों*
को कार्य कुशलता की समीक्षा के आधार पर
   जबरन रिटायर किया जाएगा.

 इसलिए ... आओ सब भारत वासी 
    आज और अभी प्रण करें, कि
 पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक
    ऐसे किसी नेता को वोट देकर 
 नहीं चुनेंगे, जो 50 वर्ष से अधिक 
      उम्र के हों, ताकि देश की 
★ कार्य कुशलता प्रभावित न हो, ★
और मेरा भारत और महान बन सके 
       और नीचे लिखे अनुसार 
   यह कानून भी अनिवार्य रूप से 
         सभी पर लागू हो ? 

1  नेताओं को भी पचास साल की 
     उम्र में ... रिटायर कर दिया जाये ?

2  क्यों नहीं , नेताओं को भी 
     पुरानी पेंशन से वंचित किया जाये,
       और ... NPS लागू की जाए  ?

3      क्यों नहीं , नेताओं को 
    विधानसभा सदस्य बनने के लिए
  स्नातक व लोकसभा सदस्य के लिए 
 परास्नातक होना अनिवार्य किया जाये ?

4  क्यों नहीं कानून मंत्री बनने के लिए 
          LAW की डिग्री अनिवार्य हो.

5„     स्वास्थ्य मंत्री बनने के लिये 
        MBBS की डिग्री अनिवार्य हो.

6       समाज कल्याण के लिए 
     समाजशास्त्र की डिग्री अनिवार्य हो.

7        मानव संसाधन के लिए 
         M.Ed. की डिग्री अनिवार्य हो.

8    वित्त मंत्री को अर्थशास्त्री होना 
           अनिवार्य हो. इसी प्रकार 
     सभी मंत्रियों की योग्यता का मानक 
             निर्धारित किया जाए.

9   क्यों नहीं फ्री का डीजल, पेट्रोल, 
      फोन की सुविधा, हवाई सुविधा, 
  रेल सुविधा सहित तमाम सुविधाओं में 
       जिसमें प्रतिवर्ष अरबों रूपये 
  खर्च होता है, उसमें कटौती की जाए.

10   क्यों नहीं सभी नेताओं के खाते 
            सार्वजनिक किए जाएं.

11  क्यों नहीं नेताओं की पुरानी पेंशन,
   मोटी तनख्वाह, सब्सिडी द्वारा भोजन 
     बंद किया जाए, जिस पर सरकार 
   प्रतिवर्ष अरबों रूपये पानी की तरह 
          खर्च करती है.

12   क्यों नहीं नेताओं के पद से 
    हटने के बाद फ्री मेडिकल सुविधा
    बंद किया जाए, जिस पर देश का 
      करोड़ों रूपये नुकसान होता है.

13   क्या 50 साल का कर्मचारी बूढ़ा 
   और 50 साल का नेता जवान होता है ? 
          यह कौन सा मानक है ?

 नेताओं के पास क्या राहु व केतु वाला 
     अमृत कलश है ? जिससे वे
 पचास की उम्र में युवा नेता हो जाते हैं ?

     ★ जब स्वयं की तनख्वाह 
लाखों में करते हैं, तो सभी पार्टियों के 
   कोई भी नेता विरोध नहीं करता.
  सभी मिलकर मेज थपथपा देते हैं.
क्या देश पर आप की तनख्वाह की 
बेतहाशा वृद्धि से अरबों रूपये का भार 
नहीं पड़ता ?   गजब की सोच है ...
                   आप नेताओं की.

      जब कर्मचारियों, अधिकारियों, 
   शिक्षकों को पचास वर्ष में हटाने पर 
      विचार किया जा सकता है, तो 
       उपरोक्त बिन्दुओं पर विचार 
     क्यों नहीं किया जा सकता है ?

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👆🏻👆🏻जितना हो सके इस बात को हर ग्रुप
        में जो भी आपके पास हो उसमें डालें
           इस बात को इतना फैलाओ कि
        आपके ही पास पलट पलट कर दिया
                मैसेज रोज बार बार आए .
                एक ऐसा मुहिम बन जाए
               एक ऐसी चैन बन जाए कि
             यह नेता लोग भी डरने लगे कि
               कहीं ऐसा हो गया तो उनकी

                  भी रोजी-रोटी  जाएगी ।।




जनहित मे ।।।।

Thursday, 23 July 2020

★★एक बेटी का बाप होना गर्व की बात है★★


कहानी छोटी सी है पर संदेश बहुत बड़ा , आज इसे देखकर कुछ नया सीखने को मिला, इस कहानी को पढ़कर मेरा दिल रो दिया 😭😭😭
#Parents
एक बेटी का पिता होना गर्व की बात है।
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एक पिता ने अपनी बेटी की सगाई करवाई~~!!
लड़का बड़े अच्छे घर से था! तो पिता बहुत खुश हुए!
लड़के ओर लड़के के माता पिता का स्वभाव~~!!
बड़ा अच्छा था!
तो पिता के सिर से बड़ा बोझ उतर गया~~!!
एक दिन शादी से पहले!
लड़के वालो ने लड़की के पिता को खाने पे बुलाया~~!!

पिता की तबीयत ठीक नहीं थी~~!!
फिर भी वह ना न कह सके!
लड़के वालो ने बड़े ही आदर सत्कार से उनका स्वागत किया~~!!
फ़िर लडकी के पिता के लिए चाय आई~~!!
शुगर कि वजह से लडकी के पिता को चीनी वाली चाय से दुर रहने को कहा गया था~~!!

लेकिन लड़की के होने वाली ससुराल घर में थे तो चुप रह कर चाय हाथ में ले ली~~!!
चाय कि पहली चुस्की लेते ही वो चोक से गये!चाय में चीनी बिल्कुल ही नहीं थी~और इलायची भी डली हुई थी!
वो सोच मे पड़ गये कि ये लोग भी हमारी जैसी ही चाय पीते हैं~~!!

दोपहर में खाना खाया वो भी बिल्कुल उनके घर जैसा दोपहर में आराम करने के लिए दो तकिये पतली चादर!उठते ही सोंफ का पानी पीने को दिया गया~~!!

वहाँ से विदा लेते समय उनसे रहा नहीं गया तो पुछ बैठे मुझे क्या खाना है~~!!
क्या पीना है!मेरी सेहत के लिए क्या अच्छा है!
ये परफेक्टली आपको कैसे पता है!
.
तो बेटी कि सास ने धीरे से कहा कि कल रात को ही आपकी बेटी का फ़ोन आ गया था~~!!

ओर उसने कहा कि मेरे पापा स्वभाव से बड़े सरल हैं!
बोलेंगे कुछ नहीं प्लीज अगर हो सके!
तो आप उनका ध्यान रखियेगा!
.
पिता की आंखों मे वहीँ पानी आ गया था~~!!
लड़की के पिता जब अपने घर पहुँचे तो घर के हाल में लगी अपनी स्वर्गवासी माँ के फोटो से हार निकाल दिया~~!!

जब पत्नी ने पूछा कि ये क्या कर रहे हो!
तो लडकी का पिता बोले-मेरा ध्यान रखने वाली मेरी माँ इस घर से कहीं नहीं गयी है~~!!
बल्कि वो तो मेरी बेटी के रुप में इस घर में ही रहती है!

और फिर पिता की आंखों से आंसू झलक गये ओर वो फफक कर रो पड़े~~!!

दुनिया में सब कहते हैं ना!
कि बेटी है~~!!
एक दिन इस घर को छोड़कर चली जायेगी!

मगर मैं दुनिया के सभी माँ-बाप से ये कहना चाहता हूँ~~!!
कि बेटी कभी भी अपने माँ-बाप के घर से नहीं जाती~~!!

बल्कि वो हमेशा उनके दिल में रहती है~~!!

Sunday, 19 July 2020

★★★घुस के जमाना बा★★★★

        ★★घुस के जमाने बा★★

{कविता के माध्यम से समझने की कोशिश}

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मुंह मत देख फेंक, घूस के जमाना बा।
मर्द हाक़िम लेता, लेता हाक़िम जे जनाना बा।
मूँह मत देख फेंक, घूस के जमाना बा।

रोके द, गाके द, खेत-बाड़ी गंवाके द
कहीं से चोराके द, इज्जति लुटाके द
द ज़रूर द
काहेकि, टारे के ढेर बहाना बा।
मुंह मत देख फेंक, घूस के जमाना बा।

अन्हरा बा, कनहा बा, लंगड़ा बा, बहीड़ा बा।
घूस सबका चाहीं, जे ऑफिस बा।
ऑफिस में हर केहू, अफ़सर बा, अफसराना बा।
मुंह मत देख फेंक, घूस के जमाना बा।

घूस थाना में चाहीं, अदालत में चाहीं
हाज़त में चाहीं, वक़ालतख़ाना में चाहीं
ई कहीं, पेशगी बा, ख़ुशनामा बा।
आ कहीं नज़राना बा।
मुंह मत देख फेंक, घूस के ज़माना बा।
जय हिंद, जय भारत, मेरा भारत महान

Siddique. I am networker.